मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा कि सक्षम प्राधिकरण (एसईआईएए) की मंज़ूरी के बिना 450 से अधिक परियोजनाओं को शासन स्तर से पर्यावरणीय स्वीकृति दी गई। प्राधिकरण के चेयरमैन ने सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार, बल्कि पर्यावरण और जनहित के साथ खिलवाड़ को दर्शाता है। ग़लत पर्यावरणीय मंज़ूरी के कारण अनियंत्रित खनन और निर्माण से जंगल, नदियां और जैव विविधता को अपूरणीय क्षति होना तय है।
सरकार पर सक्षम प्राधिकरण के चेयरमैन ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप
