
पत्रकारों ने की शोक सभा, मौन रख की प्रार्थना, दी श्रद्धांजलि
सिंगरौली, मध्य प्रदेश।
वरिष्ठ पत्रकार, एनपीजी मीडिया समूह के अध्यक्ष एवं ‘नव स्वदेश’ के ब्यूरो प्रमुख, लेखक- कवि तथा पूर्व एल्डरमैन नगर निगम सिंगरौली रोहित गुप्त की माता जी श्रीमती चन्द्रावती देवी ने 14 दिन के गहन चिकित्सा के संघर्ष के बाद बीते मंगलवार को सायं पौने 6 बजे इस मृत्यु लोक को त्याग दिया।
वे लगभग 80 वर्ष की थीं। बुधवार को दिन में 10 बजे श्री गुप्त के सिंगरौली बाजार स्थित निवास स्थान से निकली अंतिम यात्रा में अध्यात्मिक गुरु, पत्रकार, साहित्यकार, सामाजिक एवं राजनीतिक तथा व्यापारिक क्षेत्र के गणमान्य लोग सम्मिलित रहे। उनकी अंत्येष्टि चंद्रपुर (चटका) स्थित मुक्तिधाम में पूर्ण वैदिक रीति से की गई जहां मुखाग्नि उनके ज्येष्ठ पुत्र रोहित गुप्त ने दी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार उन्हें सांस संबंधी समस्या के उपचार के लिए नेहरू शताब्दी चिकित्सालय में लगभग 12 दिन तक सीसीयू में रखकर गहन चिकित्सा प्रदान की जा रही थी। किंतु बीते सोमवार को स्थिति गंभीर होने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था। मंगलवार को सायं उन्होंने अंतिम सांस ली। वे अपने पीछे रोहित गुप्त सहित दो पुत्र, एक पुत्री एवं नाती पोतों से भरे-पूरे परिवार को शोक संतप्त छोड़ गई हैं।
आपको बता दें कि श्री गुप्त के पिताश्री का निधन अब से 30 वर्ष पूर्व ही हो गया था। तब से उनकी माता जी ही उनके परिवार की अभिभावक थीं।
इधर पत्रकारों ने श्री गुप्त की माता श्री के देहावसान के बाद एक शोक सभा आयोजित कर दिवंगत पवित्र आत्मा को श्रद्धांजलि दी तथा परमात्मा से उन्हें अपनी शरण एवं परिवार को संबल प्रदान करने हेतु मौन रखकर प्रार्थना की है।
