मध्य प्रदेश के पर्यटन स्थलों से दिया योग का संदेश

पर्यटन स्थलों पर साधकों ने सामूहिक योग साधना

मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस “योग संगम” का आयोजन

भोपाल:प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पर्यटन विभाग ने प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सामूहिक योग कर योग का संदेश दिया। इन सभी स्थलों पर “योग संगम” का आयोजन किया गया। योग के वैश्विक महत्व को बढ़ावा देने और नागरिकों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित योग संगम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों–कर्मचारियों, स्कूली विद्यार्थियों और नागरिकों ने हिस्सा लेकर योग साधना की।

प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति तथा प्रबंध संचालक, मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि भारत सरकार द्वारा निर्धारित इस वर्ष की थीम ‘एक पृथ्वी एवं एक स्वास्थ्य के लिये योग’ है, जो योग के समग्र लाभों और वैश्विक कल्याण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। हमारा प्रयास है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से न केवल योग के महत्व को उजागर किया जाए, बल्कि मध्य प्रदेश को एक प्रमुख पर्यटन गंतव्य के रूप में भी बढ़ावा दिया जाए ।

इन प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हुए सामूहिक योग कार्यक्रम
धार : मांडू
ग्वालियर: ग्वालियर किला
अशोकनगर: चंदेरी
मुरैना : पड़ावली
अनूपपुर: अमरकंटक
रायसेन: भीमबेटका
रायसेन : सांची
भोपाल: केरवा
भोपाल: विंड एंड वेव्स
भोपाल: कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर और एंड एंड वेव्स
उमरिया: बांधवगढ़ (बांधवगढ़)
छतरपुर: खजुराहो (पश्चिमी मंदिर समूह)
निवाड़ी: ओरछा (कंचना घाट)
जबलपुर: भेड़ाघाट
उज्जैन: उज्जैन (महाकाल लोक)
इंदौर: इंदौर (राजवाड़ा)
खण्डवा: ओंकारेश्वर (एकात्म धाम)
नर्मदापुरम: पचमढ़ी (धूपगढ़)

“योग संगम” के माध्यम से मध्य प्रदेश ने यह संदेश दिया कि योग केवल आत्मिक और शारीरिक संतुलन का माध्यम ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना और पर्यटन को बढ़ावा देने का भी प्रभावशाली साधन है। प्रदेश के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों से दिया गया योग का संदेश न केवल नागरिकों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करता है, बल्कि इन स्थलों की वैश्विक पहचान को भी सशक्त करता है। यह आयोजन पर्यटन और योग का सुंदर समागम बनकर उभरा है, जो ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य’ की थीम को सार्थक करता है और मध्य प्रदेश को एक समग्र एवं जागरूक पर्यटन राज्य के रूप में स्थापित करता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *