प्रोजेक्ट आदिरंग 2025 के अंतर्गत शिल्प, संस्कृति और डिज़ाइन आधारित नवाचार का उत्सव

प्रोजेक्ट आदिरंग 2025 के अंतर्गत आयोजित नेटवर्किंग एवं इंटरएक्टिव कार्यक्रम, वन्या, जनजातीय कार्य विभाग, मध्य प्रदेश शासन के सहयोग से और राष्ट्रीय डिज़ाइन संस्थान, मध्य प्रदेश (NID MP) द्वारा आयोजित, 13 जून को भव्य प्रदर्शनी एवं समापन समारोह के साथ संपन्न हुआ। यह छह दिवसीय कार्यक्रम 9 से 14 जून तक आयोजित किया गया, जिसमें मध्य प्रदेश की विभिन्न जनजातीय समुदायों से आए 44 उत्कृष्ट शिल्पकारों ने भाग लिया। 5 दिनों तक गहन कार्यशाला के बाद, 14 जून को प्रतिभागियों के लिए जनजातीय संग्रहालय का शैक्षणिक दौरा प्रस्तावित है, जो उन्हें अपनी परंपराओं को नई दृष्टि से देखने और सृजनात्मक प्रेरणा लेने का अवसर देगा।
समापन समारोह में शिल्पकारों के साथ-साथ वन्या से सुश्री क्रिस्टिना इसाक, श्री नीतिराज सिंह और श्री धनंजय पिंपलखुटे, डॉ. विद्या राकेश, NID MP की निदेशक, श्री श्रीकृष्ण बिर्मन, रजिस्ट्रार, डॉ. शबरिधरण और सुश्री सोनल वंजारे, परियोजना समन्वयक, संस्थान के कार्यक्रम समन्वयक, समस्त संकाय सदस्य एवं प्रशासनिक कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
अनुभवी डिज़ाइन विशेषज्ञ NID MP के संकाय सदस्यों के मार्गदर्शन में शिल्पकारों ने पारंपरिक तकनीकों को आधुनिक डिज़ाइन दृष्टिकोण से जोड़ते हुए 50 से अधिक नवाचारी शिल्प उत्पादों का निर्माण किया। ये सभी उत्पाद समापन समारोह की प्रदर्शनी में प्रदर्शित किए गए, जो परंपरा और नवाचार के बीच एक सशक्त संवाद का प्रमाण बने।
हर संध्या सांस्कृतिक आदान-प्रदान का रूप लेकर आई, संगीत, लोकनृत्य, चलचित्र प्रदर्शन और आत्मीय मेल-मिलाप के क्षणों ने इस कार्यक्रम को और अधिक जीवंत बना दिया।
प्रोजेक्ट आदिरंग 2025 के अंतर्गत यह कार्यक्रम एक प्रेरणादायक उदाहरण है कि डिज़ाइन के माध्यम से किस प्रकार शिल्प समुदायों को सशक्त किया जा सकता है, न केवल कौशल विकास और रचनात्मक सहयोग के माध्यम से, बल्कि सांस्कृतिक संरक्षण और दीर्घकालिक पुनरुत्थान की दिशा में भी। यह पहल शिल्प उत्पादों के सतत विकास, शिल्पियों की पहचान, और परंपराओं को नए युग से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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