रात के दो बजे जब दुनिया सो रही होती है, ताइवान का सिंचु शहर जाग रहा होता है. लेकिन यह हलचल किसी नाइटलाइफ या सड़कों के शोर की नहीं है. यह उन क्लीनरूम्स की शांत, नीली रोशनी की हलचल है जहां इंसानी बालों से भी कई गुना बारीक सेमीकंडक्टर चिप्स बन रही हैं. इन्हीं चिप्स पर दुनिया का हर स्मार्टफोन, कार, और सुपरकंप्यूटर चल रहा है. दुनिया इसे ‘सिलिकॉन वैली ऑफ ईस्ट’ या चिप कैपिटल कहती है. पर क्या आप जानते हैं कि जिस शहर के कंधों पर दुनिया का पूरा डिजिटल भविष्य टिका है, उसके अंदर सांस लेने वाले इंसान अपनी जिंदगी कैसे जीते हैं?
वो शहर जहां दुनिया का भविष्य बनता है! कहानी 'चिप कैपिटल' की
